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गोवा CM: नितिन गडकरी ने बचाया अपना गढ़, आधी रात हुआ BJP के CM का शपथग्रहण

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गोवा CM: नितिन गडकरी ने बचाया अपना गढ़, आधी रात हुआ BJP के CM का शपथग्रहण
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद राज्य सरकार को बचाने के लिए बीजेपी ने गठबंधन के घटक दलों से बातचीत शुरू की लेकिन दोनों के 3-3 विधायक होने के कारण आखिरी फैसला लेने में समय लग गया। आखिरकार दोनों पार्टियों को उपमुख्यमंत्री देने पर सहमति बन सकी।
पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद राज्य सरकार को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बीजेपी ने सरकार के गठबंधन सहयोगियों, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ बातचीत करना शुरू किया जो सोमवार शाम तक आखिरी फैसले पर पहुंच सकी। कई दौर की बातचीत के बाद सोमवार देर रात 2 बजे प्रमोद सावंत ने सीएम पद की शपथ ली। दरअसल, दोनों पार्टियों के 3-3 विधायक होने के कारण उन्हें किसी एक नाम पर मनाना आसान नहीं था।
गौरतलब है कि सोमवार शाम को जब दोनों पार्टियों को यह भरोसा दिया गया कि दोनों में से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, उसके बाद उन्होंने सरकार के समर्थन में पत्र दिया। गोवा में ऐसा पहली बार है जब उपमुख्यमंत्री के पद पर दो लोग- गोवा फॉरवर्ड पार्टी अध्यक्ष विजय सरदेसाई और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के नेता रामकृष्ण धावलिकर डेप्युटी सीएम होंगे।
इससे पहले बीजेपी के सीनियर नेता और सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दोनों सहयोगियों को प्रमोद सावंत के नाम पर मनाने की कोशिशों में लगे थे जिस कारण सोमवार को शपथग्रहण में देरी होने लगी थी। डेप्युटी स्पीकर माइकल लोबो ने पहले बताया था कि सोमवार को सुबह 9:30 तक शपथग्रहण हो जाएगा लेकिन बातचीत देर तक होने के कारण आखिरकार देर रात 2 बजे कार्यक्रम किया जा सका।
मार्च 2017 में क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय नेताओं ने पर्रिकर के नाम पर बीजेपी को समर्थन पत्र दिए थे। इसलिए, पर्रिकर के निधन के बाद नए सीएम को समर्थन देने के लिए नए समर्थन पत्र चाहिए थे। वहीं, कांग्रेस पहले से ही राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए तैयार थी। ऐसे में बीजेपी पर जल्द ही फैसला लेने का दबाव बनता जा रहा था जिस कारण सहयोगियों की इच्छाएं मानने का फैसला किया गया।