आज देश को मोदी मुक्त करना बेहद जरूरी इसलिए लोग कांग्रेस की ओर लौट रहे हैं: निजामुद्दीन राईन

आज देश को मोदी मुक्त करना बेहद जरूरी इसलिए लोग कांग्रेस की ओर लौट रहे हैं: निजामुद्दीन राईन
साक्षात्कार / ईश्वरपाल सिंह यादव
मुंबई:
वरिष्ठ पत्रकार और राजनेता निजामुद्दीन राईन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर जबरदस्त हमला बोला है, उन्होंने कहा, आज देश को मोदी मुक्त करना बेहद जरूरी है इसलिए 2014 में हमारे जो लोग (जागरूक मतदाता) बहक गए थे अब वे सब कांग्रेस की ओर लौट रहे हैं। यही कारण है कि देश भर में राहुल गाँधी -प्रियंका गाँधी की रैलियों, जनसभाओं और रोड़ शो में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। जाहिर है, देश में चुनावी मौसम जोरों से चल रहा है। ऐसे में हम इधर-उधर जाकर, लोगों से मिलकर उनके दिल, दिमाग और मन की नब्ज टटोलने की कोशिश करते हैं। इसी क्रम में आज मैं आया हूं मुंबई कांग्रेस के दफ्तर जहां पर मेरी मुलाकात वरिष्ठ पत्रकार और मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री निजामुद्दीन राईन से हुई। आइए, उनसे मिलते हैं और आपको भी मिलवाते हैं और यह जानने की कोशिश करते हैं कि कांग्रेस दफ्तर में चुनावी माहौल कैसा चल रहा है।
प्रश्न: आप काफी दिनों बाद दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर:
आपने सही कहा, मैंने किसी निजी कारण से कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था लेकिन अब वापस आ गया हूँ। इन 2 सालों में मैंने पूरे देश में एक एनजीओ के साथ कैंसर मरीजों के लिए काम किया है। मेरे ख्याल से देश में वह ऐसा अकेला एनजीओ है जो मरीजों को मुफ़्त दवाई, गोली, उनके ऑपरेशन का खर्च, रहने का इंतजाम खुद करती है और हम उसमें बहुत खुश थे। लेकिन अब चूँकि यह लोकसभा का चुनाव है और हम सालों से राजनीति में रहे हैं (निजामुद्दीन राईन 30 वर्ष से कांग्रेस में हैं) तो मुंबई कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव के बाद सभी नौजवानों को और पुराने कांग्रेसी लोगों को कांग्रेस की ओर आने के लिए बिल्कुल मजबूर कर दिया है। जो कांग्रेस में रहा है, 10 साल 20 साल काम किया है और किसी कारणवश वह कुछ समय के लिए बाहर चला गया था तो मिलिंद देवड़ा जी के आने के बाद सबको वापस आने के लिए कहा गया है। बहुत अच्छी बात है कि मिलिंद देवड़ा जी एक ऐसे राजनेता हैं जिनको आने वाली नई जनरेशन को क्या चाहिए, उनकी क्या समस्याएं हैं, उसपर उनकी बहुत अच्छी पकड़ है। वह राज्य और केंद्र की राजनीति में पूरे तौर पर रहे हैं और अपने मंत्रिमंडल के साथियों के साथ मिलकर देश में तमाम युवाओं के लिए उन्होंने जो काम किया है वह बेमिसाल है। जब उन्हें अध्यक्ष बनाया गया तो उन्होंने अपने साथियों से आवाहन किया इसलिए मैं वापस आ गया और भी सब लोग जो अपनी-अपनी वजह से पार्टी छोड़कर चले गए थे, वो सब वापस आ रहे हैं।
प्रश्न: संजय निरुपम से नाराज लोगों में आप भी एक थे तो क्या आप जिन शिकायतों के लिए कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए थे क्या उनका समाधान हो गया है या आपको भरोसा है भविष्य में हो जायेगा?
उत्तर:
देखिये, जब कोई राजनीतिक बदलाव हो जाता है तो शिकायतों के कोई मायने नहीं रह जाते। सबसे बड़ी बात यह है कि एक नया नेतृत्व आया है और एक ऐसा नेतृत्व जिसमें सबको विश्वास है। अपने मुंबई शहर, देश-विदेश की सारी जानकारी उनको है और नई तकनीक के दौर में आए जब डिजिटल इंडिया का दौर था क्योंकि वह खुद सूचना क्रांति के मंत्री रहे हैं तो ऐसे दौर में ऐसे आदमी, अनुभवी और विनम्र राजनेता के साथ काम करने के लिए हर आदमी लालाइत रहता है। तो जो शिकायतें थीं वो सब ख़त्म हो गयीं। अपनी उम्मीद है कि नए नेतृत्व के साथ जो नया पौधा लगेगा उसमें फल आएगा और सबको उसका फायदा पहुंचेगा तो ऐसे नेतृत्व में काम करने की इच्छा है और काम करना शुरु कर दिया है।
प्रश्न: निजाम भाई, आजमगढ़ उत्तर प्रदेश से हैं यानि आप उत्तर भारतीय हैं और मुंबई में उत्तर भारतीयों की भारी तादाद है तकरीबन 35-40 प्रतिशत लेकिन उत्तर भारतीयों की यह शिकायत रही है कि जो भी उत्तर भारतीय नेता आते हैं वह वोट तो ले लेते हैं लेकिन उनका कोई काम नहीं करते हैं, ऐसे में कांग्रेस की तरफ से आप उत्तर भारतीयों के लिए कितना कुछ कर पाएंगे?
उत्तर:
नहीं, यह बिल्कुल गलत बात है। उत्तर भारतीयों के साथ कांग्रेस हमेशा खड़ी रही है। सन 2014 लोकसभा चुनाव में उत्तर भारतीय हमारे साथ नहीं आये। उसकी जो भी वजहें रहीं हों मैं उसमें नहीं जाता। कांग्रेस ने ही उत्तर भारतीय नेताओं को सब कुछ दिया। बीजेपी की सरकार आई एक भी उत्तर भारतीय नेता को उन्होंने सपोर्ट नहीं किया। सिर्फ एक विद्या ठाकुर को राज्य मंत्री बनाया, चाहते तो कैबिनेट मंत्री बना सकते थे लेकिन कांग्रेस ने हमेशा से नसीम खान को रखा, सैयद अहमद खान साहब को रखा, जावेद खान साहब को रखा, उसके पहले के नेताओं में एक रमेश दुबे जी को देखिये महाराष्ट्र में वही रहे, उसके और पहले जाइये राम मनोहर त्रिपाठी, उसके और पहले जाइये (कोई नाम नहीं लिया लेकिन वह कृपाशंकर सिंह को भूल गए)। मुंबई के उत्तर भारतीयों के साथ हमेशा कांग्रेस ने ही न्याय किया लेकिन ये बात सच है पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर भारतीयों का बड़ा तबका हमारा साथ छोड़ गया। इसी कारण से मुंबई की जो ६ सीटें हमेशा उत्तर भारतीयों के दम पर मिलती रही क्योंकि इन 6 सीटों पर रायगढ़, पालघर, भिवंडी इन सब जगहों पर ५४ लाख से ज्यादा उत्तर भारतीय हैं और यही निर्णायक वोट हैं और यही कांग्रेस की जमा पूंजी थी जो अच्छे दिन के फेर में दिग्भ्रमित हो गए होंगे। अतीत में उस वक्त के हमारे लोगों से भी कुछ गलतियां हुई होंगी लेकिन कोई बात नहीं प्रियंका जी के दिल्ली में और मिलिंद देवड़ा जी के मुंबई में आजाने से कार्यकर्ताओं में एक नया जोश आ गया है। वो सब लोग अब वापस कांग्रेस के पास आ रहे हैं।
प्रश्न: 2014 से लेकर के 2019 तक कांग्रेस पार्टी ने ऐसा क्या किया है जो ये लोग आपको आपको वोट देंगे?
उत्तर:
देखिये, कांग्रेस कभी अपनी नीतियों से, अपने घोषणापत्र से हटी नहीं है। जो लोग बहकावे में चले गए थे, कि आपके लिए कुछ कर देंगे, कुछ नहीं किया, तो आज लोगों को ये लगने लगा है और हमारे यहाँ बदलाव भी आया। कांग्रेस ने आज अपनी बहुत सारी पॉलिसीस बदल दीं और सबसे बड़ी बात ये है कि सबसे बड़ी चेतना जो कांग्रेस में आई वो प्रियंका गाँधी के कांग्रेस में वापस आने से आई। मुंबई की राजनीति का उत्तर प्रदेश की राजनीति के साथ बड़ा जोड़-तोड़ है क्योंकि जो उत्तर भारतीय आज मुंबई में सक्षम है वो राजनीति के मामले में उत्तरप्रदेश से जुड़ा हुआ है तो पिछले 4-5 साल में उत्तर प्रदेश में जो भी सरकार आई उसने अत्तार भारतीयों के साथ कोई न्याय नहीं किया और जिन लोगों के साथ वे खड़े हैं हमेशा उत्तर भारतीयों को उन्हीं लोगों ने मारा, हमेशा उन्होंने ही तंग किया लेकिन पिछली बार एक नरेंद्र मोदी की हवा थी और उत्तर प्रदेश से क्योंकि वह अमेठी से सॉरी बनारस से चुनाव लड़ रहे थे तो लोगों को ये लगा कि मुंबई में उत्तर भारतीयों का बहुत बड़ा भविष्य होगा, इसलिए उत्तर भारतीयों ने बहकावे में आकर अपना जो स्वर्णिम भविष्य है मुंबई का, क्योंकि मुंबईकर जो उत्तर भारतीय है वह अपने आपको मुंबईकर मानता है। छोटे से छोटे धंधे से लेकर बड़े से बड़े धंधे में हमारा उत्तर भारतीय है उसने कभी महाराष्ट्र और उत्तर भारत के लोगों में यह जो अपनापन है उसको बांटा नहीं, अलग से कभी नहीं सोचा कोई उत्तर भारतीय ने कभी गाली नहीं दिया किसी मराठी को, ना कभी मराठीयों ने कभी कोई ऐसा काम किया कि हमारा कुछ अपमान हुआ, तो कुछ चाँद लोग आते हैं और अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, तो मैं ऐसा मानता हूँ कि मिलिंद भाई के आने के बाद से उत्तर भारतीयों के लिए वक्त बदल जायेगा क्योंकि जब उनके पिता श्री मुरली देवड़ा जी थे तब उत्तर भारतीयों का बड़ा सम्मान रहा, उन्हीं के ज़माने में राम मनोहर त्रिपाठी रहे, उन्हीं के ज़माने में जावेद खान साहेब रहे, उन्हीं के ज़माने में सय्यद अहमद रहे।
प्रश्न: इस लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जो उत्तर भारतीयों को पीटने के लिए कुख्यात रही है उसने कांग्रेस और एनसीपी पार्टी को सपोर्ट करने का निर्णय लिया है, मनसे के इस निर्णय को क्या आपको लगता है कांग्रेस के उत्तर भारतीय मतदाता स्वीकार करेंगे?
उत्तर:
मैं आपको एक बात बहुत साफ तरीके से बता दूं कांग्रेस और एनसीपी ने मनसे से कोई सपोर्ट नहीं माँगा। उनको लगता है कि देश का भविष्य कांग्रेस के हाथ में है और उनको लगता है कि इस देश को अच्छे दिनों के अत्याचार और मोदी-शाह के भय और आतंक से मुक्त करना बेहद जरूरी है इसलिए वो लोगों को जागरूक कर रहे हैं, वो हमारा साथ कहाँ दे रहे हैं? मैंने आदरणीय राज ठाकरे जी के भाषण सुने हैं, वह मोदी सरकार की नाकामियों की पोल खोल रहे हैं। जहाँ जहाँ वो भाषण देते हैं, वहां भारी तादात में लोग आरहे हैं और वो मुद्दों पर बात कर रहे हैं इसलिए उनके भाषण बेशक बहुत प्रभावशाली हैं। (विशेष साक्षात्कार निजामुद्दीन राईन जारी…)