नवजोत सिंह सिद्धू ने पीएम मोदी के पांच साल का कच्चा चिट्ठा खोल दिया

नवजोत सिंह सिद्धू ने पीएम मोदी के पांच साल का कच्चा चिट्ठा खोल दिया
नई दिल्ली: पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबर्दस्त हमला करते हुए कहा कि वो गरीबों की जगह अमीरों के लिए काम करते हैं. उन्होंने सरकारी कंपनियों को ठेके देने की जगह अंबानी और अडाणी की कंपनियों को ठेके दिए गए. शनिवार को नई दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि हम आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने कैसे अमीरों की मदद की. इस एक घंटे के एक्सपोज़ में नवजोत सिंह सिद्धू ने पीएम मोदी के पांच साल के काले कारनामों को पूरी तरह बेपर्दा कर दिया। प्रधानमंत्री ने 55 देशों की यात्रा की. अंबानी और अडाणी को इन 55 देशों में 18 बड़े ठेके मिले. 2015 में प्रधानमंत्री ने रूस का दौरा किया और अंबानी ने एक कमजोर कंपनी अल माजा मेंटल 6 बिलियन डॉलर में खरीदी और एक महीने के अंदर रिलायंस डिफेंस को ठेका दे दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री फ्रांस के दौरे पर गए और वहां अंबानी को ऑफसेट पार्टनर बना दिया गया. प्रधानमंत्री 10 रुपये के पेन के लिए बिल मांगते हैं, लेकिन राफेल डील पर कुछ नहीं दिया गया. फ्रांस में अंबानी को 1100 करोड़ का कर्जा था, तब फ्रांस सरकार ने माफ कर दिया. प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की बात करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि प्रधानमंत्री फिर स्वीडन गए वहां भी अंबानी को ठेका दे दिया गया. तब अडाणी ने एयर फोर्स प्लेन के लिए बोली लगाई थी. ये सारे ठेके सरकारी कंपनियों को दिए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अनिल अंबानी को हवा से हवा में मारने वाला मिसाइल बनाने के लिए 65,000 करोड़ का ठेका दिया गया, लेकिन डीआरडीओ को नहीं दिया गया. नवजोत सिंह सिद्धू ने आगे कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से यह पूछना चाहते हैं कि क्या कंपनियां देश के लिए काम करती हैं. प्रधानमंत्री जब बांग्लादेश के दौरे पर गए तो 3,000 मेगावॉट बिजली का ठेका अंबानी और अडाणी को दे दिया गया. एनटीपीसी को यह ठेका नहीं दिया गया. इन ठेकों से अंबानी और अडाणी की दोनों कंपनियों को अगले 3 साल में 15,000 करोड़ का मुनाफा होगा. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अडाणी को ऑस्ट्रेलिया में दुनिया के सबसे बड़े कोयला खदान का ठेका मिला. इरान में 500 मिलियन का ठेका हासिल किया. मोजाम्बिक, ओमान, म्यामांर, चीन में भी इन कंपनियों को ठेके दिए गए. अंबानी और अडाणी को जिस तरह से ठेके दिए गए उस पर सवाल पूछते हुए सिद्धू ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री अंबानी और अडाणी के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की नाकामी पर सवाल उठाते हुए कहा कि न राम मिला, न रोजगार मिला और गली-गली में मोबाइल चलाता बेरोजगार मिला. पेश है ये पूरा एक्सपोज़ नवजोत सिंह सिद्धू के शब्दों में: साहब आप राष्ट्रवाद पर इलेक्शन लड़ना चाहते हो, धर्मों में सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म। लड़ो आओ, 1947 से पहले गोरे अंग्रेज थे देश को बांटते थे और राज करते थे अब ये काले अंग्रेज आ गए। प्रॉफिट ईस्ट इंडिया कंपनी को जाता था अब देख लो कौन सी कंपनी को जाता है। मैं तो कोई रोटी को चोची कहता नहीं, सबको पता है आकड़े कभी झूठ नहीं बोला करते। अभी प्रॉफिट कहां जाता है आप देख लो। धर्मों को बांटने में माहिर, देश की जड़ काटने में माहिर है, और गरीब के पेट पर लात मारने में माहिर, और यह सच्चाई है। सच्चाई बोलने में कोई घबराहट नहीं है। जो सच्चे लोग हैं उनके सवालों को देश द्रोही कहकर ख़त्म कर दिया जाता है। ऐसा नहीं होगा मोदी साहब कोई उठेगा बब्बर शेर और दहाड़ेगा। बोलेगा सच। जान की काहे की परवाह? रोज पचास बार मरेगा क्या? एक बार मरेगा। आप जवाब दो, इन बातों का जवाब दो न? मुद्दों को भटकाकर कहीं और ले जाते हो। सुना है सरहदों पर तनाव है, पता तो करो क्या देश में चुनाव है? मोदी जी की सेना? कोई इंस्टीटूशन आपने छोड़ी थी? सीबीआई, चौराहे पर आकर चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस। रॉ के भेद खोल दिए। एक फौज बची थी वो भी मोदी जी की हो गयी। सियासी तीर छोड़ोगे फौज के कंधों से? पहले जब आतंकी हमले होते थे तो आप राष्ट्रीय सुरक्षा की बात करते थे। इस्तीफे मांगे जाते थे। शिवराज पाटिल ने दिया, विलासराव देशमुख ने दिया। चिदंबरम साहब ने दिया सरदार मनमोहन सिंह ने माना नहीं। अब जब आतंकी हमले होते हैं तो वोट मांगे जाते हैं वोट। अरे वोट मांगोगे मुद्दा तुम्हारा डिमॉनेटाइजेशन थी जहाँ ब्लैक मनी को तुमने पर्पल कर दिया, पर्पल। तुमने काले धन को गुलाबी में कन्वर्ट कर दिया। दुनिया में लोगों ने बड़े नोट काट कर छोटे नोट शुरू किए, तुमने 500, 1000 का नोट काट कर 2000 का गुलाबी नोट शुरू कर दिया, गाल गुलाबी सुने थे तुमने नोट गुलाबी कर दिया। 750 करोड़ रूपया अमित शाह जी के बैंक में, मैं चिल्ला-चिल्ला कर बोल रहा हूं 5 दिन में जमा हुआ। 600 करोड़ कुछ रूपया जयंती भाई गुजरात के खाते में जमा हुआ। मुंडे साहब की बेटी के खाते में 700 करोड़ जमा हुआ। जवाब दिया किसी ने? 12000 करोड़ रुपये तुमने पर्पल कर दिया तुम्हें तो किसी की जरूरत ही नहीं है। यही कहना चाहता हूं यह सरकारी खजाना था सरकार के जो एंपलॉईज हैं ये उनकी रोजी रोटी है। यह सरकार की अस्मिता है। यह है आपकी देशभक्ति प्रधानमंत्री जी? मैंने वह गाना सुना था परदे में रहने दो, पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा, भेद खुल गया है आपका प्रधानमंत्री जी। पिछले 4 सालों में भारत के कर्ज में 50 फीसदी का इजाफा हो गया. बेरोजगारी बढ़ती चली गई. सिद्धू ने केंद्र सरकार पर जबर्दस्त हमला करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना राफेल डील घोटाले से भी बड़ा घोटाला है. मोदी ने बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों से तो ब्लैंक चेक ले लिए लेकिन अडानी अंबानी से नहीं लिए.